

डीडवाना-कुचामन जिले में उर्वरकों की बिक्री और वितरण को लेकर कृषि विभाग ने सख्ती बढ़ा दी है। अब उर्वरक बिक्री की ऑनलाइन मॉनिटरिंग की जा रही है और किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या कालाबाजारी पाए जाने पर संबंधित विक्रेताओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसी क्रम में बुधवार को कार्यालय सहायक निदेशक कृषि (विस्तार) कुचामन सिटी के सभागार में जिले के सभी उर्वरक विक्रेताओं की बैठक एवं खरीफ पूर्व प्रशिक्षण आयोजित किया गया।
बैठक में संयुक्त निदेशक हरिओम सिंह राणा ने कहा कि अनुदानित यूरिया का उपयोग कृषि के बजाय अन्य औद्योगिक कार्यों में किया जा सकता है या फिर भंडारण कर कालाबाजारी की जा सकती है। ऐसे में सभी विक्रेताओं को उर्वरकों का वितरण केवल पीओएस मशीन के माध्यम से करने के निर्देश दिए गए।
सहायक निदेशक कमलेश कुमार ने विक्रेताओं को अपने स्टॉक रजिस्टर और पीओएस मशीन के रिकॉर्ड का मिलान सुनिश्चित करें। किसी प्रकार की गड़बड़ी पाई गई तो संबंधित विक्रेता का लाइसेंस तत्काल निरस्त कर दिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि उर्वरक केवल वास्तविक किसानों को ही दिया जाए और स्टॉक करने के उद्देश्य से खरीदने वालों को उर्वरक नहीं दिया जाए।
सहायक निदेशक उद्यान जगदीश बाज्या ने कहा कि यूरिया और डीएपी की आपूर्ति लगातार जारी है, उन्होंने विक्रेताओं से आग्रह किया कि वे किसानों को जागरूक कर आवश्यकता अनुसार ही उर्वरक उपलब्ध कराएं, ताकि सभी किसानों को समय पर खाद मिल सके। बैठक में अन्य अधिकारियों ने भी सुझाव रखे।







